Friday, July 21, 2017

ॐ नमह शिवाय



  हर हर महादेव 
  हर हर महादेव 
  हर हर महादेव 
  हर हर महादेव 
  हर हर महादेव 


 १२१ जाप
ॐनमह शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय ॐ नमह शिवाय

श्रावन मास की शिवरात्री



   ॐ नमह शिवाय
   ॐ नमह शिवाय
   ॐ नमह शिवाय
   ॐ नमह शिवाय
   ॐ नमह शिवाय

Saturday, July 1, 2017

जै श्री राम




दिन में एक सौ एक बार अवश्य पाठ करें

राम जी सब चिंताओं का निवारण करेंगे 🙏🏼

जै श्री राम

जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, 

जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, 

जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, 

जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, 

जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, 

जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, 

जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, 

जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, 

जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, 

जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम, जै श्री राम 

🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼

Wednesday, May 17, 2017

गायत्री मंत्र





ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यम
भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात॥


Saturday, April 29, 2017

अक्षय तृतीया




 आज अक्षय तृतीया है, अक्षय का मतलब होता है जिसका कभी क्षय ना हो यानी जो कभी नष्ट ना हो। भविष्य पुराण के अनुसार अक्षय तृतीया तिथि का विशेष महत्व है, सतयुग और त्रेता युग का प्रारंभ इसी तिथि से हुआ है, इस दिन बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश किया जा सकता है। आइए आपको बताते हैं अक्षय तृतीया से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियों के बारे में.....

आज ही के दिन माँ गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था ।

अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त

महर्षि परशुराम का जन्म आज ही के दिन हुआ था ।

माँ अन्नपूर्णा का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था

द्रोपदी को चीरहरण से कृष्ण ने आज ही के दिन बचाया था ।

कृष्ण और सुदामा का मिलन आज ही के दिन हुआ था ।

कुबेर को आज ही के दिन खजाना मिला था ।

सतयुग और त्रेता युग का प्रारम्भ आज ही के दिन हुआ था ।

ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का अवतरण भी आज ही के दिन हुआ था ।

🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼

Friday, March 10, 2017

बजरंगबली को खुश करने का उपाय



 श्रीराम भक्त हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। श्रीराम नाम का जप करना और चमेली के तेल का दीपक लगाने से भी प्रभु हनुमान प्रसन्न होते हैं।

Tuesday, August 16, 2016

भोग और दान



    भोगों का और दान का आपस में बहुत गहरा सम्बन्ध है. दिये बिना किसी को कुछ नहीं मिलता है. मनुष्य जो-जो वस्तु जिस-जिस तरह से देता है उसे उसी तरह पाता है. जो बिना माँगे देता है वह बिना प्रयास के पाता है. जो माँगने पर देता है वह प्रयास करने पर पाता है और जो देता ही नहीं है वह प्रयास करने पर भी कुछ नहीं पाता है.